साल-दर-साल
| उम्र | मासिक योगदान | कुल योगदान | वैल्यू |
|---|
NPS क्या है
नेशनल पेंशन सिस्टम PFRDA द्वारा नियंत्रित, बाज़ार से जुड़ा रिटायरमेंट खाता है। आपका योगदान इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों के उस मिश्रण में जाता है जो आप चुनते हैं, या जो उम्र के साथ अपने आप बदलता है। PPF या EPF की तरह इसकी कोई घोषित दर नहीं है: कॉर्पस बाज़ार के साथ बढ़ता है, इसलिए इस कैलकुलेटर में रिटर्न एक अनुमान है।
निकासी के नए नियम
गैर-सरकारी सब्सक्राइबरों के लिए, दिसंबर 2025 में अधिसूचित नियमों ने निकासी (60 की उम्र पर, या योजना में 15 साल बाद) को बदला:
- कॉर्पस का 80% तक एकमुश्त लिया जा सकता है; कम से कम 20% से एन्युटी खरीदनी होती है, जो मासिक पेंशन देती है। पहले यह बँटवारा 60/40 था।
- अगर कॉर्पस ₹8 लाख या कम है, तो पूरी रकम एक साथ निकाली जा सकती है।
- ₹8 लाख से ₹12 लाख के बीच, ₹6 लाख तक एक साथ और बाकी कम से कम छह साल की किस्तों में, या एन्युटी से।
निकासी पर टैक्स
टैक्स कानून अभी 80% की सीमा के साथ नहीं बदला है। आयकर अधिनियम 2025 की अनुसूची II (पुरानी धारा 10(12A)) सिर्फ़ कॉर्पस के 60% को छूट देती है, इसलिए पूरा 80% लेने पर अतिरिक्त 20% आपकी आय में जुड़ता है और स्लैब से टैक्स लगता है। एन्युटी खरीदते समय उस रकम पर टैक्स नहीं लगता, पर उससे मिलने वाली पेंशन पर हर साल आय की तरह टैक्स लगता है। कैलकुलेटर एकमुश्त रकम को टैक्स-फ़्री और टैक्सेबल हिस्सों में बाँटकर दिखाता है, ताकि आप 0% से 80% के बीच कोई भी हिस्सा चुनने का असर देख सकें।
कैलकुलेटर कैसे काम करता है
योगदान हर महीने की शुरुआत में निवेश होता है और अपेक्षित रिटर्न पर मासिक कंपाउंड होता है, और सालाना बढ़ोतरी सेट करने पर साल में एक बार बढ़ता है। निकासी पर कॉर्पस आपके एकमुश्त प्रतिशत से बँटता है, और मासिक पेंशन = एन्युटी राशि × एन्युटी दर ÷ 12।
30 से 60 तक ₹5,000 महीना, 10% पर, ₹18 लाख के योगदान से करीब ₹1.14 करोड़ का कॉर्पस बनाता है। 60% लेने पर करीब ₹68.4 लाख टैक्स-फ़्री एकमुश्त और 6.5% एन्युटी दर पर करीब ₹24,700 महीना पेंशन मिलती है। 80% लेने पर करीब ₹91.2 लाख मिलते हैं, जिसमें ₹22.8 लाख टैक्सेबल है, और पेंशन करीब ₹12,300।
योगदान के दौरान टैक्स छूट
पुरानी व्यवस्था में आपके अपने योगदान का ₹50,000 सालाना तक धारा 124 (पुरानी 80CCD(1B)) में, धारा 123 (पुरानी 80C) की ₹1.5 लाख सीमा के ऊपर, घटाया जा सकता है। नियोक्ता का योगदान धारा 124 (पुरानी 80CCD(2)) में नई व्यवस्था में बेसिक सैलरी के 14% तक और पुरानी में 10% तक घटाया जा सकता है। इनमें से कोई छूट यहाँ के कॉर्पस आँकड़े में शामिल नहीं है।
आम सवाल
₹5,000 महीने से NPS में कितना कॉर्पस बनेगा?
30 से 60 तक, अनुमानित 10% पर, करीब ₹1.14 करोड़। 8% पर करीब ₹75 लाख। NPS रिटर्न बाज़ार से जुड़ा है, इसलिए कोई भी गारंटीड नहीं।
क्या 60 पर NPS का 100% निकाल सकते हैं?
सिर्फ़ तब जब कॉर्पस ₹8 लाख या कम हो। उससे ज़्यादा पर कम से कम 20% एन्युटी में जाना ज़रूरी है।
क्या NPS का पूरा 80% एकमुश्त टैक्स-फ़्री है?
नहीं। मौजूदा कानून में सिर्फ़ कॉर्पस का 60% टैक्स-फ़्री है; अतिरिक्त 20% पर आपके स्लैब से टैक्स लगता है।
कौन सी एन्युटी दर मानें?
एन्युटी दर बीमा कंपनी, एन्युटी के प्रकार और खरीद के समय की ब्याज दरों पर निर्भर है। मौजूदा कोटेशन देखें; कैलकुलेटर में आप कोई भी दर डाल सकते हैं।
स्रोत
- PFRDA: NPS के तहत निकासी विनियम, 2015 (16 दिसंबर 2025 तक संशोधित)
- पत्र सूचना कार्यालय: NPS निकासी नियमों में मुख्य संशोधन (19 दिसंबर 2025)
- आयकर विभाग: आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू
- आयकर विभाग: आयकर अधिनियम, 1961 की धाराओं से 2025 अधिनियम की तालिका
29 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।